प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत लगभग 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम और रोजगार एवं युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, श्रम एवं रोजगार एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान के तहत, पीएम-वीबीआरवाई कार्यक्रम भी देशभर में लगभग 200 स्थानों पर एक साथ आयोजित किए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना सिर्फ एक रोजगार योजना से कहीं अधिक है। यह एक ऐसी पहल है जिसका उद्देश्य पहली नौकरी में प्रवेश करने वाले युवाओं की आकांक्षाओं को मजबूत करना और उद्योग तथा कार्यबल के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण करना है।” उन्होंने कहा कि जहां कई योजनाएं आमतौर पर या तो कर्मचारियों या नियोक्ताओं पर केंद्रित होती हैं, वहीं यह कार्यक्रम दोनों की एक साथ सहायता करता है। सरकार अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत करने वाले युवाओं के साथ खड़ी है और रोजगार के नए अवसर पैदा करने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित करती है।
योजना की उपलब्धियों को साझा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि अब तक लगभग 70 लाख नए रोजगार सृजित किए गए हैं और इतनी ही संख्या में पहली बार रोजगार पाने वाले लोगों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। उन्होंने आगे बताया कि लगभग 20 लाख युवाओं ने अपनी पहली नौकरी में छह महीने पूरे कर लिए हैं, जबकि लगभग 10 लाख लाभार्थियों को इस उपलब्धि को प्राप्त करने पर योजना के तहत प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है। लाभार्थियों के बैंक खातों में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। इस सहायता को वित्तीय सहायता से कहीं अधिक बताते हुए श्री मोदी ने कहा कि यह राष्ट्र द्वारा अपने युवाओं की कड़ी मेहनत को मान्यता देने और उनके भविष्य में विश्वास को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री ने योजना के तहत रोजगार के अवसर पैदा करने वाले संस्थानों और उद्यमों की भागीदारी पर संतोष व्यक्त किया। श्री मोदी ने कहा, “रोजगार सृजन को गति तभी मिलती है जब सरकार, उद्योग और युवा मिलकर काम करते हैं। यह पहल एक नए भारत का प्रतिबिंब है, जहां युवाओं को अवसर मिलते हैं, उद्योगों को प्रोत्साहन मिलता है और रोजगार सृजन एक राष्ट्रीय मिशन बन जाता है।”
प्रधानमंत्री ने पिछले बारह वर्षों में भारत के रोजगार तंत्र में आए महत्वपूर्ण बदलाव की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा, “सरकार का मुख्य उद्देश्य रोजगार को सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण से जोड़ना रहा है।” प्रधानमंत्री ने भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास में महिलाओं के बढ़ते योगदान पर भी प्रकाश डाला। श्री मोदी ने कहा, “रात की शिफ्ट में काम करने से संबंधित सुधार, घर से काम करने के अवसरों को बढ़ावा देना और कार्यस्थल सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना, कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए हैं।”
नई दिल्ली में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में नियोक्ता और कर्मचारी लाभार्थियों, विभिन्न हितधारक संगठनों के प्रतिनिधियों और अन्य विशिष्ट अतिथियों सहित लगभग 1,200 व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले चुनिंदा लाभार्थियों के साथ भी बातचीत की, जिन्होंने योजना के तहत प्राप्त लाभों और उनकी आजीविका, करियर की प्रगति और सामाजिक सुरक्षा कवरेज पर इसके सकारात्मक प्रभाव के बारे में अपने अनुभव साझा किए।