होम्बले फिल्म्स की Kantara: Chapter 1 सचमुच इतिहास रच रही है अपनी जबरदस्त सफलता के साथ। भारतीय संस्कृति में गहराई से जड़ी कहानी, शानदार वीएफएक्स, रोमांचक संगीत, भव्य स्तर और ऋषभ शेट्टी के अद्भुत अभिनय के साथ यह फिल्म दर्शकों को मनोरंजन का ऐसा अनुभव दे रही है जो उनके दिलों को जीत रहा है। बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए, फिल्म ने महज छह दिनों में ₹427 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए पूरी टीम दिल्ली में एकत्र हुई।
दिल्ली में Kantara: Chapter 1 की इस बड़ी सफलता के उपलक्ष्य में एक भव्य इवेंट का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ऋषभ शेट्टी, रुक्मिणी वसंत, सह-निर्माता चालुवे गौड़ा, संगीतकार अजनिश लोकनाथ, सिनेमैटोग्राफर अरविंद कश्यप, डिस्ट्रीब्यूटर अनिल ठडानी और कॉस्ट्यूम डिजाइनर प्रगति शेट्टी उपस्थित रहे। ₹427 करोड़ की विश्वव्यापी कमाई के साथ, फिल्म का लक्ष्य इस सप्ताह के अंत तक ₹500 करोड़ पार करना है और जल्द ही यह ₹1000 करोड़ के आंकड़े को छूने की ओर बढ़ रही है। दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ छह दिनों में ही Kantara: Chapter 1 ने 2022 में रिलीज़ हुई ‘कांतारा’ की लाइफटाइम कमाई को पीछे छोड़ दिया है।
- केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने धोलेरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
- डाक विभाग ने लागू की नई व्यवस्था : अब साधारण डाक की भी हो सकेगी ऑनलाइन ट्रैकिंग
- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना के तहत 2,400 करोड़ का वितरण
- Prime Video का ‘Sapne Vs Everyone S2’ शहर भर के होर्डिंग्स पर चमकता हुआ
- देश में होलिस्टिक व्यू के साथ हेल्थ इकोसिस्टम का निर्माण हो रहा है : अमित शाह
Kantara: Chapter 1 होम्बले फिल्म्स की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में से एक है। फिल्म की क्रिएटिव टीम में संगीत निर्देशक बी. अजनिश लोकनाथ, सिनेमैटोग्राफर अरविंद कश्यप और प्रोडक्शन डिज़ाइनर वीनेश बंगालन शामिल हैं, जिन्होंने मिलकर फिल्म की भावनात्मक और दृश्यात्मक ताकत को एक नए स्तर पर पहुँचाया है।
2 अक्टूबर को रिलीज़ हुई यह फिल्म कन्नड़, हिंदी, तेलुगु, मलयालम, तमिल, बंगाली और अंग्रेज़ी भाषाओं में दर्शकों तक पहुँच रही है और विभिन्न भाषाओं व क्षेत्रों में अपना जादू बिखेरते हुए अपनी सांस्कृतिक जड़ों से गहराई से जुड़ी हुई है।
Kantara: Chapter 1 के साथ, होम्बले फिल्म्स भारतीय सिनेमा की सीमाओं को और आगे बढ़ा रही है एक ऐसी सिनेमाई यात्रा पेश करते हुए जो लोककथाओं, आस्था और उत्कृष्ट फिल्म निर्माण का भव्य संगम है।